I am Dharm Singh, and I share tips on blogging, SEO, and earning money online in Hindi.My goal is to help new bloggers and digital marketers learn easily and improve...
ब्लॉगिंग की दुनिया में सफल होने के लिए सिर्फ बेहतरीन कंटेंट लिखना ही काफी नहीं है। आपको अपने कंटेंट को सही ऑडियंस तक पहुंचाना भी होगा। इसके लिए दो सबसे बड़े प्लेटफॉर्म हैं: google ads vs facebook ads manager। दोनों ही प्लेटफॉर्म पेड एडवरटाइजिंग के मास्टर हैं, लेकिन उनकी कार्यशैली और टार्गेटिंग के तरीके एक-दूसरे से काफी अलग हैं।यह गाइड आपको Google Ads vs Facebook Ads में ऑडियंस टार्गेटिंग के बीच के fundamental difference है। हम जानेंगे कि 2026 में एक ब्लॉगर के लिए कौन सा तरीका कब सबसे ज्यादा प्रभावी हो सकता है। यह पोस्ट खासकर उन beginners के लिए है जो अपने ब्लॉग के Google Traffic और कन्वर्शन को बढ़ाना चाहते हैं।
Google Ads और Facebook Ads Manager अकाउंट सेटअप: शुरुआती गाइड
सफल एडवरटाइजिंग के लिए पहला कदम इन प्लेटफॉर्म्स पर अपना अकाउंट सही तरीके से सेटअप करना है:
1. Google Ads अकाउंट सेटअप
| चरण (Step) | विवरण (Description) |
|---|---|
| 1. Google अकाउंट | ज़रूरत: आपके पास एक सक्रिय Google अकाउंट (Gmail) होना चाहिए। |
| 2. साइन अप | Google Ads की वेबसाइट पर जाएँ और “Start Now” पर क्लिक करें। |
| 3. पहला कैंपेन | इसे “Switch to Expert Mode” पर क्लिक करके छोड़ दें ताकि आप सीधे डैशबोर्ड पर जा सकें। |
| 4. बिजनेस डिटेल्स | अपना बिलिंग देश, समय क्षेत्र, और मुद्रा सावधानी से चुनें। (इसे बाद में बदला नहीं जा सकता) |
| 5. बिलिंग सेटअप | अपनी भुगतान जानकारी (Payment Information) जोड़ें। |
प्रो टिप:
हमेशा ‘Expert Mode’ चुनें। Smart Campaigns (सरल मोड) आमतौर पर शुरुआती ब्लॉगर के बजट को तेज़ी से खत्म कर देते हैं।
2. Facebook Ads Manager (Meta Business Suite) अकाउंट सेटअप
| चरण (Step) | विवरण (Description) |
|---|---|
| 1. Facebook अकाउंट | ज़रूरत: आपके पास एक निजी Facebook अकाउंट होना चाहिए। |
| 2. Facebook पेज | अपने ब्लॉग के लिए एक Facebook Page बनाएँ। यह पेज आपके विज्ञापनों में दिखाई देगा। |
| 3. Business Manager | business.facebook.com पर जाएँ और “Create Account” पर क्लिक करें। |
| 4. Ad Account | Business Manager में एक नया Ad Account बनाएँ। |
| 5. बिलिंग सेटअप | अपने Ad Account के लिए सही समय क्षेत्र, मुद्रा चुनें और भुगतान विधि जोड़ें। |
3.Google Ads vs Facebook ads में अंतर
इन दोनों प्लेटफॉर्म को समझने के लिए आपको उनकी मूल अवधारणा (Core Concept) को समझना होगा:
- Google Ads (Search Intent): यह एक ‘Pull’ मार्केटिंग प्लेटफॉर्म है। जब कोई यूज़र Google पर कुछ सर्च करता है (जैसे: “Google Ads keyword planner tutorial”), तो वह पहले से ही उस जानकारी या समाधान की तलाश में होता है। आप उन “इंटेंट” (इरादे) वाले कीवर्ड्स पर बिड करते हैं।
- Facebook Ads Manager (Audience Behavior): यह एक ‘Push’ मार्केटिंग प्लेटफॉर्म है। यूज़र Facebook/Instagram स्क्रॉल कर रहा होता है और आप उनके सामने अपना विज्ञापन “Push” करते हैं। यहाँ टार्गेटिंग कीवर्ड्स पर नहीं, बल्कि यूज़र के डेमोग्राफिक्स, इंटरेस्ट्स, बिहेवियर्स (जैसे: Facebook Ads Manager keyword targeting guide) और कस्टम ऑडियंस पर आधारित होती है।

4.Google Ads Keyword Research: तरीका और टूल
Google Ads में सफलता के लिए सटीक Google Ads keyword research करना ज़रूरी है। यह प्रक्रिया आपको उन शब्दों और वाक्यांशों की पहचान करने में मदद करती है जिन्हें आपकी संभावित ऑडियंस सक्रिय रूप से खोज रही है।
1: सही कीवर्ड टूल का उपयोग करें
Google Ads Keyword Planner एक अच्छा शुरुआती टूल है, लेकिन प्रो-लेवल रिसर्च के लिए आप Ahrefs, SEMrush, या Ubersuggest जैसे टूल का उपयोग कर सकते हैं।
2: Long-Tail Keywords पर ध्यान दें
केवल “SEO” जैसे शॉर्ट-टेल कीवर्ड्स के लिए प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक है। इसके बजाय, “best long tail keywords Google Ads” या “how to do Google Ads keyword research for beginners” जैसे विशिष्ट लॉन्ग-टेल कीवर्ड्स पर ध्यान दें।
प्रो टिप: Negative Keywords
हमेशा अपनी Google Ads कैम्पेन में Negative Keywords का उपयोग करें। यह उन सर्च टर्म्स पर आपके विज्ञापन को दिखने से रोकता है जो आपके ब्लॉग कंटेंट से संबंधित नहीं हैं, जिससे आपका बजट बर्बाद होने से बचता है।
कीवर्ड मैच टाइप्स को समझना
Google Ads में कीवर्ड मैच टाइप्स (Broad, Phrase, Exact) को समझना बहुत ज़रूरी है। उदाहरण के लिए, यदि आप एक Google Ads keywords for SEO bloggers पर पोस्ट कर रहे हैं, तो आप Exact Match का उपयोग करके यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका विज्ञापन केवल वही खोज करने वालों को दिखाई दे।
5.Facebook Ads Manager टार्गेटिंग गाइड: ऑडियंस का चयन
Google ads vs Facebook ads में थोड़ा बहुत अंतर है जैसे कीवर्ड रिसर्च की जगह “Audience Targeting”। यहाँ आप लोगों को उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी और प्रोफ़ाइल के आधार पर लक्षित किया जाता है।
1. Demographics और Interests
आप यूज़र की उम्र, लिंग, स्थान (जैसे: Facebook Ads keywords for bloggers Rajasthan), शिक्षा, और सबसे महत्वपूर्ण, उनके इंटरेस्ट्स के आधार पर टार्गेट कर सकते हैं। अगर आपका ब्लॉग SEO पर है, तो आप ‘Digital Marketing’, ‘Blogging’, या ‘Search Engine Optimization’ में इंटरेस्ट रखने वालों को टार्गेट कर सकते हैं।
2. Custom and Lookalike Audiences
यह Facebook Ads Manager का सबसे प्रभावशाली फीचर है:
- Custom Audience: उन लोगों को टार्गेट करें जिन्होंने आपकी वेबसाइट विज़िट की है, आपका ईमेल लिस्ट सब्सक्राइब किया है, या आपके Facebook/Instagram पोस्ट्स के साथ इंटरैक्ट किया है।
- Lookalike Audience: Facebook को आपकी Custom Audience के समान दिखने वाले नए यूज़र्स को खोजने के लिए कहें। यह एक स्केलेबल तरीका है।

6.Long Tail Keywords और Detailed Targeting की रणनीति
एक ब्लॉगर के रूप में, आपको दोनों प्लेटफॉर्म पर विशिष्टता (Specificity) का उपयोग करना चाहिए:
- Google Ads में:“Google ads vs Facebook Ads Manager long tail keywords tutorial” जैसे कीवर्ड्स का उपयोग करें, क्योंकि इनका CPC (Cost Per Click) कम होता है और कन्वर्शन रेट ज़्यादा होता है।
- Facebook Ads में: इंटरेस्ट और डेमोग्राफिक्स को मिलाकर “Narrow” टार्गेटिंग करें। उदाहरण के लिए: “Bloggers” जो “Digital Marketing” में इंटरेस्ट रखते हैं या “हाल ही में एक नया फ़ोन खरीदा है”। इसे ही “how to add keywords to Facebook Ads 2026” की आधुनिक रणनीति माना जाता है।
कॉमन गलतियां (Common Mistakes)
बहुत से ब्लॉगर ये गलतियां करते हैं, जिनसे बचें:
- Google Ads: केवल Short-Tail कीवर्ड्स पर बिड करना, जिससे बजट तेज़ी से खत्म हो जाता है।
- Facebook Ads: बहुत Broad (व्यापक) ऑडियंस को टार्गेट करना, जिससे विज्ञापन अप्रासंगिक लोगों को दिखता है।
- दोनों में: Landing Page (ब्लॉग पोस्ट) की क्वालिटी पर ध्यान न देना। यूज़र चाहे जहाँ से भी आए, आपका कंटेंट अच्छा होना चाहिए।
ब्लॉगर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ रणनीति
सबसे प्रभावी रणनीति दोनों प्लेटफॉर्म का एक साथ उपयोग करना है:
- Awareness & Branding (Facebook Ads Manager): Facebook का उपयोग करके अपने ब्रांड या नए ब्लॉग पोस्ट को व्यापक ऑडियंस तक पहुंचाएं। एक इंटरेस्टिंग “best keywords for Facebook Ads SEO niche” से संबंधित पोस्ट को टार्गेट करें।
- Conversion & Specific Intent (Google Ads): Google Ads का उपयोग उन लोगों को टार्गेट करने के लिए करें जो सक्रिय रूप से समाधान खोज रहे हैं, खासकर आपके हाई-कन्वर्शन लॉन्ग-टेल कीवर्ड्स के लिए।
उदाहरण के लिए, एक नया SEO टूल लॉन्च करते समय, आप Facebook Ads से टूल के बारे में जागरूकता फैला सकते हैं, और Google Ads से लोग जब “best SEO tool 2026” सर्च करें, तब उन्हें टार्गेट कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि आपके विज्ञापन सही समय पर सही यूज़र के सामने आएं।
हमें उम्मीद है कि यह गाइड आपको google ads manager our facebook ads manager में अंतर समझने और अपने ब्लॉग के लिए एक मजबूत पेड मार्केटिंग रणनीति बनाने में मदद करेगी। याद रखें, लगातार परीक्षण और डेटा विश्लेषण ही सफलता की कुंजी है।
Conclusion
याद रखें, Google Ads vs Facebook Ads अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। Google Ads उन लोगों तक पहुँचाता है जो सच में खरीदने का इरादा रखते हैं, जबकि Facebook Ads ब्रांड की जागरूकता बढ़ाता है। 2026 में सफल होने के लिए, दोनों की ताकत को मिलाकर smart strategy बनाएं—Google Ads पर long-tail keywords और Facebook Ads पर custom audiences का सही इस्तेमाल करें। यही आपके ब्लॉग या बिज़नेस की ग्रोथ का सीधा रास्ता है।
FAQs
1. Google Ads vs Facebook Ads cost में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
A: Google Ads में CPC (Cost Per Click) आमतौर पर ज्यादा होता है क्योंकि यह intent-based (खरीदारी के इरादे वाले यूजर) होता है, जबकि Facebook Ads CTR और targeting पर निर्भर करते हुए कम लागत पर दिख सकते हैं।
2. Google Ads Keyword Research कैसे शुरू करें?
A:आप Google Ads Keyword Planner या अन्य SEO टूल (Ahrefs, SEMrush) का उपयोग करके शुरुआत कर सकते हैं। हमेशा लॉन्ग-टेल कीवर्ड्स (जैसे: “how to do Google Ads keyword research for beginners”) और कम प्रतिस्पर्धा वाले कीवर्ड्स पर ध्यान दें।
3.Google Ads vs Meta Ads में 2026 में कौन ज़्यादा बेहतर ROI देता है?
A: 2026 में ROI पूरी तरह आपके बिज़नेस और टार्गेट ऑडियंस पर निर्भर करता है। अगर यूजर intent-based खोज कर रहे हैं तो Google Ads ज़्यादा ROI देता है, जबकि ब्रांड awareness और social engagement के लिए Meta Ads (Facebook/Instagram) बेहतर ROI दे सकता है।
4. Facebook Ads Manager में “Lookalike Audience” क्या है?
A:Lookalike Audience आपके मौजूदा सर्वोत्तम ग्राहकों या वेबसाइट विज़िटर्स के डेटा पर आधारित होती है। Facebook इस जानकारी का उपयोग करके उन नए यूज़र्स को खोजता है जो आपके मौजूदा ऑडियंस के समान होने की संभावना रखते हैं, जिससे टार्गेटिंग की प्रभावशीलता बढ़ती है।
5.Google Ads vs Facebook Ads: कौन सा प्लेटफॉर्म आपके बिज़नेस के लिए ज़्यादा बेहतर साबित होता है?
A: यह आपके बिज़नेस मॉडल और लक्ष्य पर निर्भर करता है। अगर आप इंटेंट-आधारित सेल्स चाहते हैं तो Google Ads बेहतर है, और अगर आपका उद्देश्य ब्रांड awareness और social engagement बढ़ाना है तो Facebook Ads बेहतर साबित होता है।
क्या आपके पास इस विषय पर कोई सवाल है? नीचे टिप्पणी (Comment) करें! इस उपयोगी गाइड को अपने साथी ब्लॉगर्स के साथ शेयर करना न भूलें!
I am Dharm Singh, and I share tips on blogging, SEO, and earning money online in Hindi.My goal is to help new bloggers and digital marketers learn easily and improve the ranking of their blog or website.
More Posts